Posts

Showing posts with the label poetry

विडम्बना !!

Image
अजब मंजर है , देख दुनिया बनाने वाले तेरे दर पे खड़ा हूँ , मैँ और मुझको सताने वाले ! किस से उम्मीद लगाए , अब नदिया पार लगने वाले खुद ही डूब रहे , जब कश्तियाँ बनाने वाले !! किस तरफ जाएं , वो मुसाफिर कहलाने वाले राह खो बैठे है , सब राह दिखने वाले !! अलफ़ाज़ न दे ज़ख्मों को , ऐ ग़ज़ल सुनाने वाले जख्म - कारी करते है, सब ज़माने वाले !!